हमें कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए।


आज के असेंबली में बच्चो को कभी झूठ नहीं बोलने के लिए एक कहानी के माध्यम से प्रेरित किया गया।


कहानी है 5 क्लास में पढने वाली मीणा और दीपा की.. दोनो बहुत होशियार चाहे पढाई की बात हो या स्कूल में किसी भी prog में हिस्सा लेने की… दोनो एक से बढ कर एक थीं.. हर चीज में अव्वल…


पर अब टीचर को दोनो मे से चुनना था एक best all rounder बहुत मुश्किल था कि किसे चुने तो… टीचर को आईडिया आया और उन्होनें दोनो मे एक compitition करवाने की सोची और बोला कि इसमें जो जीत जाएगा वो बनेगा best all rounder…


फिर दोनों को बुलाया गया और बीज दिए और बोले कि इनको घर ले जा कर गमले में लगाओ और दो महीने बाद जिसका पहली तारीख को जिसका पौधा अच्छा होगा उसे ही best all rounder डिक्लेयर बनाया जाएगा.. पर एक दूसरे को इसके बारे में बताना नही है यानि बात नही करनी के पौधा कितना बडा हुआ… जिसने भी बात की उसे इस कॉम्पीटिशन से बाहर कर दिया जाएगा.. दोनो खुश क्योकि बहुत आसान था.. पौधा ही तो लगाना था. दोनो घर गए गमले में बीज डाले और नियमित उसमे पानी देने लगीं


कुछ समय बीता … गमले में पौधा बाहर नही आया… कुछ नही हुआ… दोनों बात भी नही कर सकती थी पर जब भी एक दूसरे को देखती मिलती तो खुश नजर आती जैसे कह रही हों कि पौधा खूब अच्छा हो रहा है..


इस बात को महीना हो गया.. दोनों बहुत परेशान की.. कि अगर पौधा नही हुआ तो best all rounder नही बन पाएगीं… दोनों एक दूसरे का सोचती कि उसका हो हो ही गया होगा बहुत अच्छा … पर उसका क्या होगा .. पौधा नही लगा तो क्लास में best all rounder भी नही बन पाऊंगी और क्लास में सब बच्चे मजाक भी बनाएंगें.


मणि ने अपनी मम्मी से कहा कि क्यो ना बाजार से नया पौधा खरीद लाते हैं टीचर को क्या पता चलेगा.. पर मम्मी ने साफ मना कर दिया कि झूठ नही बोलना. टीचर को साफ साफ सारी बात बतानी है कि मैंने ध्यान पूरा रखा मम्मी पापा ने भी ध्यान रखा पर पौधा निकला ही नही…


इस बात को हो गए दो महीने और आज दोनो अपने मम्मी पापा के साथ स्कूल आए. दीपा का पौधा अच्छा हो गया था वहीं मणि के गमले मे सिर्फ मिट्टी ही दिखी..


टीचर ने दोनों को देखा और फिर दीपा के पौधे की तरफ देखते हुए कहा कि आपने कैसे ख्याल रखा… दीपा ने बढ चढ कर बताया कि दो बार पानी डालती थी… धूप को भी आने दिया और दो बार खाद भी डाली…


अब बारी आई मणि की.. मणि ने बताया कि उसने भी बहुत ख्याल रखा पानी भी दिया, खाद भी डाली पर पर पर कहते कहते वो रोने लगी… टीचर ने मणि और दीपा दोनों का हाथ पकडा … जैसे होता है कि कौन है विनर इसका हाथ उठाया जाएगा… मणि को तो कोई उम्मीद थी ही नही … जैसे आपको भी नही है और मुझे भी नही … पर अचानक टीचर ने मणि का हाथ उठा दिया ये बोलते हुए कि मणि है best all rounder… अब सब हैरान…


टीचर ने दीपा को बोला कि आप बताओगे या मैं बताऊं .. तब दीपा ने रोते रोते बताया कि गमले में पौधा लगा ही नही best all rounder बनना चाहती थी इसीलिए मम्मी के साथ मिलकर मार्किट से नया पौधा ले आई और लगा दिया.. दीपा की मम्मी ने झिझकते हुए टीचर से पूछा कि आपको कैसे पता चला तो उन्होने बताया कि जो बीज उन्होनें दिए थे वो उबाल कर दिए थे यानि अब वो नही लग सकते थे.. मुझे जाननी थी दोनो की ईमानदारी और सच्चाई पर दीपा हार गई और सच्चाई में मणि जीत गई…


तो क्या सोचा .. देखा सच्चाई के रास्ते पर चलना कितना अच्छा है इसीलिए हमें हमेशा सच बोलना चाहिए… और अगर आप भी अपना कोई अनुभव बनाता चाहें तो जरुर बताईएगा फिर हम सभी के साथ शेयर करेंगें ताकि कोई झूठ न बोले

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