फसलों का संघर्ष
प्यारे बच्चों आज 30 अगस्त 2025 के असेंबली में हम एक किसान की कहानी के माध्यम से समझेंगे कि कैसे जीवन में हमें सफल होने के लिए निरन्तर संघर्ष करते रहना चाहिए। एक प्रचलित कथा के अनुसार पुराने समय में एक किसान की फसल बार-बार खराब हो रही थी। कभी तेज बारिश की वजह से, कभी तेज धूप की वजह से, कभी ठंड की वजह से उसकी फसल पनप नहीं पा रही थी। एक दिन इससे दुखी होकर किसान भगवान पर नाराज हो गया। वह भगवान को लगातार कोस रहा था। तभी वहां भगवान प्रकट हुए। किसान ने भगवान से कहा कि भगवन् आपको खेती की बिल्कुल भी जानकारी नहीं है, आपकी गलत समय पर बारिश कर देते हो, कभी भी तेज धूप और ठंड बढ़ा देते हो। इससे हर बार मेरी फसल खराब हो जाती है। आप मेरी अगली फसल तक मेरे अनुसार मौसम कर दीजिए। जैसा मैं चाहूं, वैसा ही मौसम रहे। ये बातें सुनकर भगवान ने कहा कि ठीक अब से ऐसा ही होगा। ये बोलकर वे अंर्तध्यान हो गए। अगले दिन से किसान ने फिर से गेहूं की खेती शुरू कर दी। अब जब वह बारिश चाहता था, तब बारिश होती, फसल के लिए जब उसे धूप की जरूरत होती, तब धूप निकलती। इस तरह उसकी इच्छा के अनुसार मौसम चल रहा था। ध...