कल्पना शक्ति को करें मजबूत

प्यारे बच्चों,
आज कल के इस इंटरनेट की दुनिया मे ज्ञान अर्जित करना कोई बहुत बड़ी बात नही है।आज कल किसी भी चीज के बारे में बड़ी आसानी से जानकारी गूगल के माध्यम से उपलब्ध हो जा रही है।इसी चक्कर मे आजकल के लोग चीजो को याद रखना इतना महत्वपूर्ण नही समझ रहे और उन्हें खुद से ज्यादा भरोसा गूगल पर होने लगा है।
जो जिज्ञासा पहले के समय मे था कही उससे ज्यादा जिज्ञासा आज के लोगो मे है लेकिन पहले जितनी मेहनत करनी पड़ती थी उस जिज्ञासा को शांत करने में आज वो माहौल नही रह गया है,आज झट से किसी भी प्रश्न का उत्तर गूगल पर सर्च करके पता कर लिया जा रहा। मैं ये नही कह रहा कि गूगल से पश्नो का उत्तर खोजना गलत है लेकिन जितना इसका फायदा है उतना ही नुकसान भी।
गूगल से सभी सवालों का उत्तर ढूंढने में अपने दिमाग का कही उपयोग तो हो ही नही रहा।दिमाग अन्य अंगों के जैसा ही है कि ये तेज या ज्यादा सक्रिय तभी रह सकता है जब इससे काम लिया जाय या इसके लिए व्यायाम किया जाय लेकिन आप अपने दिनचर्या के बारे में गहराई से देखे तो आपने अपना दिमाग का उपयोग करने के बजाय गूगल,यूट्यूब या इंटरनेट का उपयोग सबसे ज्यादा किया।आपने अपना दिमाग कही खर्च किया ही नही ।
किसी दिन जरा एक छोटी सी बात पर गौर कीजिएगा की जिस सवाल का उत्तर ढूंढने के लिए या हल करने के लिए आपने ज्यादा वक्त दिया हो या खुद से बड़ी देर में सवाल हल किया हो तो उस सवाल का हल या उत्तर जल्दी दिमाग से नही भूलता क्योंकि आपका दिमाग उतनी देर तक सक्रिय था,संवेदनशील था उस सवाल के हल को ढूंढ निकालने के लिए।
जरा सोचो कि टॉमस अल्वा एडिसन ने बल्ब जैसे किसी चीज की कल्पना ही नही की होती तो क्या आज बल्ब होता? जितने भी आविष्कार हुए है उनके आविष्कारक अगर कल्पना ही नही किये होते तो आज इतने सारे आविष्कार हुए होते?
अगर वास्तव मे देखा जाए तो ज्ञान हमारे कल्पनाशक्ति से प्राप्त होती है।कल्पना-शक्ति से ही आजतक के सारे आविष्कार सम्भव हुए हैं।इंटरनेट,गूगल या यूट्यूब को ज्ञान का सागर ना माना बैठे ये सिर्फ एक जरिया है ज्ञान के बेचैनी को शांत करने के लिए।इनका उपयोग जरूरत भर ही करें तो दिमाग और स्वास्थ्य दोनों के लिए सही रहेगा।अपनी कल्पना-शक्ति को उड़ान दें,ढेर सारे सवालों को मन मे पलने दें,मनन करें और फिर हो सकता है कि ढेर सारे सवालो का जवाब आपको खुद-ब-खुद मिल जाएगा।
             
                             -Kundan G Chaubey

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